10 अप्रेल 1901 के अंदर डोरचेस्टर के अंदर एक अजीब तरह का प्रयोग किया गया । डॉ डंकन ने आत्मा के वजन को जानने के लिये । पांच लोगों का चुनाव किया जोकि मरने वाले थे । उनमे 1 महिला और चार पुरूष थे । पहले उनका वजन तौला गया । उसके बाद जब उनकी मौत हो गयी तो दूबारा उनका वजन तौला गया । उन लोगों ने मौत के बाद अपने वजन का कुछ हिस्सा खो दिया ।लेकिन सभी का वजन समान रूप से कम नहीं हुआ । उसके बाद डॉ डंकन ने निष्कर्स निकाला की आत्मा का वजन 21 ग्राम होता है।
इसी तरह का एक और प्रयोग उन्होंने कुत्तों पर भी किया किंतु कुत्तों का वजन मरने के बाद कम नहीं हुआ । इस संबंध मे उन्होंने कहा की आत्मा केवल इंसानों के अंदर ही होती है।
डंकन ने इस बात को स्वीकार किया कि इस संबंध मे और शोध की आवश्यकता है। किंतु वे इस संबंध मे आगे किसी तरह की वैज्ञानिक सफलता हासिल नहीं कर सके । हांलाकि एच लव जोकि एक भौतिक विज्ञान के प्राफेसर थे ने भी आत्मा के वजन को जानने के लिये चूहों पर प्रयोग किया था ।